किसानों की स्थिति सुधारने के महा अभियान में तीन कृषि कानून लाए गए थे. मकसद ये था कि छोटे किसानों को और ताकत मिले और उन्हें उपज का सही दाम मिले. बरसों से ये मांग देश के कृषि विशेषज्ञ, संगठन और वैज्ञानिक कर रहे थे. पहले भी कई सरकारों ने मंथन किया था. इस बार भी संसद में चर्चा हुई और कानून लाएंगे. देश के कोने-कोने में कोटि-कोटि किसान संगठनों ने स्वागत किया और समर्थन किया.
मैं आज उन सभी का समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद करती है. हमारी सरकार खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए गांव-गरीब के उज्जवल भविष्य के लिए पूरी सत्य निष्ठा से हमारी सरकार ये कानून लेकर आई है. हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए भले ही किसानों का एक वर्ग ही विरोध कर रहा था. वैज्ञानिकों, कृषि कानून विशेषज्ञों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. हमने किसानों की बातों और उनके तर्कों को समझने में भी कोई कोर कसर नहीं बाकी रखा. कानून के जिन प्रावधानों पर उन्हें ऐतराज था, उस पर भी बात की. मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए कहना चाहता हूं कि हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए.
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