सभी स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाई गईं; कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते प्रशासन का फैसला, जानिए अब कब खुलेंगे स्कूल

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चंडीगढ़ के सभी स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां फिर से बढ़ाई गईं हैं। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और कोहरे को देखते हुए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शहर के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अब 17 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। जबकि 18 जनवरी से स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे। हालांकि यह फैसला भी मौसम को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।

यह तीसरा मौका है जब चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के सभी स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां आगे बढ़ाई हैं। इससे पहले जब स्कूल 10 जनवरी से खुलने थे तो 9 जनवरी को चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर स्कूलों को 13 जनवरी लोहड़ी तक बंद रखने को कहा था। जिसके बाद 14 जनवरी से स्कूल खुलने थे। लेकिन इससे पहले ही शिक्षा विभाग ने स्कूलों में फिर से 17 जनवरी तक छुट्टियां डिक्लेयर कर दीं। वहीं इससे पहले भी जब स्कूल 3 जनवरी तक छुट्टियों के बाद 4 जनवरी से खुलने थे तो उस दौरान बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने 9 जनवरी तक स्कूल बंद कर दिए थे।

बता दें कि कक्षा पहली से आठवीं तक और नान बोर्ड कक्षाएं 9वीं व 11वीं के स्टूडेंट्स के लिए स्कूलों की छुट्टियां की गईं हैं। लेकिन 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड कक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही चलेंगी। क्योंकि आगामी समय में 10वीं और 12वीं के बोर्ड पेपर होने हैं। स्कूल 10वीं और 12वीं क्लास के लिए सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं खुलेंगे और छुट्टी दोपहर 3:30 बजे होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों और स्टाफ का समय पहले की तरह ही रहेगा।

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने कहा कि, बच्चों की सेहत सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां रखने का फैसला बच्चों को ठंड और शीत लहर के बढ़ते प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे स्कूल में या स्कूल आने-जाने के दौरान ठंड की चपेट आकर बीमार न पड़ पायें। बच्चों को ठंड को लेकर उचित सावधानी बरतनी चाहिए। अभिभावकों को भी बच्चों का ठंड से बचाव करना चाहिए। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड, शीतलहर और कोहरे की स्थिति गंभीर रहने वाली है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते वहां से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन वाली ठंड बढ़ा रहीं हैं।