जालंधर के जडूसिंघा गांव की रहने वाली हरप्रीत नामक महिला ने एक वीडियो बनाई, जिसमें उसने प्रधानमंत्री मोदी और संत निरंजन दास के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। महिला ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्टेटस के रूप में अपलोड कर दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होने के बाद जालंधर जिले के जडूसिंघा गांव से एक विवादास्पद मामला सामने आया है। गांव की एक महिला द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और डेरा बल्ला के प्रमुख संत निरंजन दास के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वीडियो के वायरल होते ही विभिन्न सामाजिक और धार्मिक जथ्थेबंदियों ने इसका कड़ा विरोध जताया और महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार रविवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जालंधर के डेरा सचखंड बल्ला पहुंचे थे, जहां उन्होंने संत निरंजन दास से आशीर्वाद लिया।
इसी घटना को लेकर जालंधर के जडूसिंघा गांव की रहने वाली हरप्रीत नामक महिला ने एक वीडियो बनाई, जिसमें उसने प्रधानमंत्री मोदी और संत निरंजन दास के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। महिला ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्टेटस के रूप में अपलोड कर दी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।
वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। अलग-अलग जत्थेबंदियों और सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला बताया। सोमवार को जडूसिंघा निवासी पंच जोगिंदर पाल सिंह, सन्नी जस्सल, बलवीर कुमार और रणजीत चोपड़ा सहित अन्य लोगों ने थाना आदमपुर पहुंचकर महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत में कहा गया कि वीडियो से समाज में गलत संदेश गया है और इससे धार्मिक सद्भावना को ठेस पहुंची है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मांग की कि महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सोचे। इस मामले को लेकर थाना आदमपुर के बाहर भी कुछ समय के लिए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वीडियो की जांच के बाद महिला को हिरासत में लेकर थाना आदमपुर लाया गया। पुलिस ने महिला से पूछताछ शुरू कर दी है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर डाली गई सामग्री की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
थाना आदमपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की पोस्ट से समाज में तनाव पैदा हो सकता है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।















