innocent hearts school
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LUCKY DRAW के नाम पर बिना रसीद अभिभावकों से लुटे गए 250/- नहीं निकला किसी का इनाम


स्कूल मैनेजमेंट SALES में लगे रहे,खुद ही कैटरर से लगवाए खाने के स्टाल और गेम्स स्टाल लगा की हज़ारो की कमाई


अपने ही स्कूल की 5 ब्रांच के बच्चो और अभिभावकों की 10 हज़ार से ज़्यादा की भीड़ नहीं संभल पाया मैनेजमेंट
इलाके में लगा 2 किलोमीटर लम्बा भारी जाम,5 मिनट का रास्ता 2 घंटो में पूरा कर लोहारन स्कूल पहुंचे अभिभावक
बाकी पढ़े, EUPHORIA 2022 की पूरी खोल पोल

innocent hearts school meraki fair performance stage

जालंधर के नामचीन ग्रुप INNOCENT HEARTS GROUP ने डॉक्टरी में जो अपना रुतबा हासिल किया है उसको आगे बढ़ाते हुए महानगर में अपने ग्रुप ऑफ़ स्कूल्ज और कॉलेजेस खोले मगर उन्हें सिर्फ पढ़ाई का मंदिर न बोलते हुए सिर्फ और सिर्फ व्यवसाय का जरिया बना लिया है |

मान लिया जाए की जहाँ स्कूल में पढ़ाई का स्तर बढ़िया है पर वही स्कूलों में हर साल मोटी एडमिशन फीस और बढ़ती हुई टूशन फीस देखने को मिल रही है जिसके साथ साथ स्कूल में पढ़ाई के अलावा होने वाली छोटी से छोटी एक्टिविटी में बच्चो से ही अतिरिक्त पैसा मंगवा लिया जाता है.अगर स्कूल में स्पोर्ट्स है तो स्कूल के द्वारा की किसी वेंडर को चुन कर उनसे मोटे किराए पर कपडे मंगवाए जाते है या फिर खरीदवाए जाते है | पैसे तो अच्छे लिए जाते है पर गुणवत्ता घटिया स्तर की होती है |

अगर कोई कम्पटीशन होता है और उसमें बच्चे ने पार्टिसिपेट करना है तो उसकी भी फीस ली जाती है और उसके लिए ड्रेस और दूसरी चीज़ो का खर्चा अलग , और बदले में एक छोटा प्रंशंसा का टोकन दिया जाता है |
ऐसा ही कुछ हुआ MERAKI 2022 में जहाँ ग्रुप के सभी स्कूलों को एक साथ रखा गया और उन्हें लोहारा कैंपस में बुलाया गया |

TRAFFIC की विकराल समस्या उत्पन्न हुई
दरहसल,इनोसेंट हर्ट्स स्कूल ग्रुप के सभी ब्रांच के बच्चो को उसमें पार्टिसिपेट करवाया गया था और उनके अभिभावकों को भी बुलाया गया था | सभी ब्रांचो के कुल 5000 विद्यार्थी और उनके अभिवको को मिलाकर कुल 10 हज़ार से ज़्यादा की भीड़ को स्कूल मैनेजमेंट सँभालने में विफल रही क्यूंकि शुक्रवार को मेले का आयोजन किया गया जबकि उस दिन वर्किंग डे था और ट्रैफिक ने इलाके में अपना विकराल रूप ले लिया,जिसे सँभालने में प्रशासन के हाथ पाँव फूल गए वही बच्चो और उनके अभिभावकों को अलग परेशानी झेलनी पड़ी , जो की लगभग 2 घंटे बाद स्कूल पहुंचे और वापस जाते समय भी 1 घंटे के समय लगा |

traffic jam on friday at loharan campus ihs school road
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कैंपस के अंदर बदइंतज़ामी का आलम
कैंपस के अंदर जाते ही देखने को मिला की जो बच्चे पार्टिसिपेट कर रहे है उनको बिल्डिंग के हॉल में बिठा कर रखा गया है और वही उनका मेकअप और अन्य तैयारियां चल रही है , मगर स्कूल की तरफ से आये मैसेज में परफॉरमेंस का जो टाइम लिखा था उसके विपरीत 3 घंटे बाद ही जाकर बच्चो के कम्पटीशन परफॉरमेंस की बारी आई | कम्पटीशन के नाम पर 700 /- रूपए लिए गए और 2 मिनट का ही टाइम दिया गया जिसके बाद भी गाने को काट कर 40 सेकंड कर दिया गया और सभी के साथ पक्षपात किया गया | न तो भाग लेने वाले बच्चो को सुबह से पानी दिया और न ही खाने को कुछ जिससे की काफी बच्चो की तबियत भी बिगड़ गयी | अगर उनके अभिभावक समय पर नहीं पहुंचते और उनके साथ न रहते तो बच्चो की तबियत और बिगड़ सकती थी |

function competition stage at ihs loharan campus

LUCKY DRAW के नाम पर सरकार और अभिभावकों को लगाया लाखो रुपए का चूना
आपको बता दे की इस मेले के आयोजन के लिए सभी बच्चो को ज़बरदस्ती 250 /- देने को कहा गया जिसमें की उन्हें सिर्फ 5 एंट्री टिकट दी गयी और जिसके बदले उन्हें लकी ड्रा निकलने का लालच दिया गया | मौके पर ड्रा निकालने की बात भी की गयी थी पर कोई ड्रा नहीं निकला |

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INNOCENT HEARTS EDUCATIONAL GROUP – THE MERAKI FAIR 2022 विवादों में
हर विद्यार्थी से ज़बरन वसूले 250 रूपए , कम्पटीशन के नाम पर भी 300 रूपए से 700 रूपए तक वसूले
किसी विध्यार्ती को कोई रसीद नहीं दी गयी, अभी तक अभिभावकों से 25 लाख से ज़्यादा वसूलने का अंदेशा !

https://www.onenews18.com/education-knowledge/innocent-hearts-educational-group-the-meraki-fair-2022/

illegal lucky draw tickets sold by ihs school management

अगर इनके द्वारा कोई ड्रा निकला भी हो तो किसी अभिभावक को इसकी जानकारी नहीं और न ही इसके बारे में स्कूल मैनेजमेंट ने कही छापा , क्यूंकि ये ड्रा कानून के खिलाफ जाकर निकाला गया और इसकी कोई रसीद भी पेरेंट्स को नहीं दी गयी | इस लकी ड्रा के कारण और बिना किसी रसीद और सरकार को टैक्स दिए स्कूल मैनेजमेंट यहाँ अवैध तरीके से 25 लाख से ज़्यादा फ्रॉड करके बैठा है जिसकी अभी तक प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली है और न ही जांच की |

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कैंपस में खाने का इंतज़ाम को लेकर भड़के परिजन
MERAKI FAIR 2022 को लेकर बच्चो और अभिभावकों से किये गए बड़े बड़े वाडे शुक्रवार को उस वक़्त ठुस हो गए जब मेला शुरू होते ही वह हज़ारो की तादाद में बच्चो का आना शुरू हो गया | दरहसल , स्कूल मैनेजमेंट ने बिना एक पैसा खर्चा किये इतने बड़े मेले का आयोजन किया और बच्चो से ही इसका साया खर्च उठाया और अपनी जेब भी भरी |

मगर इसके साथ ही बच्चो के ग्रुप में मैसेज डाल मेले में दुकाने लगाने के भी आवेदन दिए मगर ऐसा लग रहा था की स्कूल मैनेजमेंट ने ही वहाँ शादी के स्टाल की तरह 6 खाने पीने की दुकाने बना कैटरर को ठेका दिया | 70 /- रूपए का एक कूपन बेच मैनेजमेंट ने तो खूब पैसे बटोरे पर इंतज़ाम और खाने की गुणवत्ता ऐसी थी की बच्चो को देखते हुए खाना जल्दी तो ख़तम हुआ पर अभिभावकों को भूके रह या चिप्स के पैकेट में ही सतुंष्ट होना पड़ा | न पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही कोई रेडीमेड स्नैक्स थे | कई को तो आइसक्रीम से ही संतुष्टि मिली |

entry otp tickets on mobile of parents

बच्चो की परेड और उनकी ड्रेस
फंक्शन शुरू होने से दो तीन पहले से ही बच्चो को प्रैक्टिस शुरू करवा दी गयी | घंटो प्रैक्टिस में न तो बच्चो को पानी दिया गया और न ही खाने को कोई स्नैक्स , वही अपने घर से लाये गए पानी को बच्चो ने कई घंटो को लगातर प्रैक्टिस के बाद पिया और लाये हुए स्नैक्स खाये | मगर जब असल में परफॉरमेंस की गयी तो वहाँ कुछ और ही देखने को मिला , बच्चो की सिखाया गया सब कुछ वैसा कुछ नहीं हुआ | यही नहीं फंक्शन के लिए सभी बच्चो को ज़बरदस्ती ट्रैकसूट एक प्राइवेट वेंडर के द्वारा 600 /- रूपए में बेचे गए जिसकी गुणवत्ता बिलकुल बेकार थी |

जालंधर के DC के पास पहुंची थी शिकायत
अवैध रूप से बच्चो से लकी ड्रा के नाम पर फण्ड इखट्टा करने की शिकायत जालंधर के डिप्टी कमिश्नर के पास पहुंची थी जिसके उत्तर में DC साहब ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया | इसके साथ ही कोई एक्शन न हो , स्कूल मैनेजमेंट ने DC जसप्रीत सिंह आइएएस को ही अपना चीफ गेस्ट बना लिया और इनविटेशन में प्रिंट करवा दिया | मगर DC साहब खुद किसी विवाद में न फसे इसिलए उन्होंने मौके पर शिरकत नहीं की |

invitation card sent to parents mobile

गेम्स के स्टाल
कैंपस में खाने पीने की ज़्यादा ज़रुरत देखी गयी मगर उससे ज़्यादा स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से गेम्स के स्टाल लगा दिए गए और हर गेम को 50 /- रुपए में खिलाया गया जिसका कोई भी फायदा किसी को भी नहीं हुआ सिवाए स्कूल मैनेजमेंट के , क्यूंकि उससे काफी ज़्यादा रेवेनुए स्कूल मैनेजमेंट ने कमाया |

अभिभावकों का क्या है कहना
चैनल की तरफ से कोई राय और फैसले थोपने की बजाये हमने पेरेंट्स के कुछ कमैंट्स देखे जिसको आपके सामने विस्तार से रखा गया और वहाँ मौजूद जो कुछ भी हुआ वो सब आँखों देखा जिसकी रिपोर्ट आपके सामने है | अगर आपको भी इसके बारें कुछ कहना है तो कमेंट बॉक्स में कह सकते है |