जोशीमठ में ‘जल प्रलय’, पावर प्रोजेक्ट तबाह, 50 लोग लापता

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ग्लेशियर फटने से तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट के डैम का एक हिस्सा टूट गया है. इससे अलकनंदा नदी में प्रवाह बढ़ गया है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुई तबाही की खबरों से आहत हूं. इस चुनौतीपूर्ण समय में हम उत्तराखंड के साथ एकजुटता में खड़े हैं. भगवान बद्री-केदार से संकट की इस कठिन घड़ी में देवभूमि वासियों की सुरक्षा की  प्रार्थना करता हूं. 

चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से भारी नुकसान हुआ है. घटना को देखते हुए एहतियातन भागीरथी नदी का बहाव रोक दिया गया है. अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है.  SDRF अलर्ट पर है. उत्‍तरखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएं.  सरकारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें. मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. 

उत्‍तरखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लोगों से अपील की है कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें. कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं. 


उत्तराखंड के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से हाहाकार. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें. 

पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने ट्वीट करते हुए कहा है, आम जनमानस को सूचित किया जाता है कि तपोवन रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर आने के कारण ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को काफी क्षति पहुंची है, जिससे नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस कारण अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों से अपील है जल्दी से जल्दी सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. 

ग्लेशियर फटने से बांध क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे धोली नदी में बाढ़ आ गई है. तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट के डैम का एक हिस्सा टूट गया है. इससे अलकनंदा नदी में प्रवाह बढ़ गया है. सूचना पर जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई है. घटना के बाद ऋषिकेश, हरिद्वार सहित मैदानी इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. 

उत्तराखंड में बांध टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश के बाद जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने गंगा किनारे वाले जिलाधिकारियों को किया अलर्ट. बिजनौर, गढ़मुक्तेश्वर, कन्नौज , बिठुर, फ़तहगढ़, मिर्ज़ापुर, बनारस, प्रयागराज, फर्रुखाबाद  के ज़िलाधिकारियों को दिए निर्देश. फिलहाल गंगा में बोटिंग, नौका विहार समेत ग्रामीण जि‍लों में लोगों को गंगा किनारे जाने के पर सख्‍त रोक. 

एनडीआरएफ की 4 टीमें कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंच जाएंगी. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ग्लेशियर फटने से डैम को नुकसान पहुंचा है और उस वजह से फ्लैश फ्लड आई हैं. आइटीबीपी उत्तराखंड पुलिस, नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स और स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीम मौके पर रवाना हो चुकी है.