पंजाब में हुआ बड़ा बदलाव: सरकारी स्कूलों को लेकर बदली सोच, पंजाब के सरकारी स्कूलों में दाखिला 8.10 प्रतिशत बढ़ा, स्टूडेंट्स की संख्या 26.72 लाख से बढ़कर 28.89 लाख हुई…

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डेढ़ साल से सूबा ही नहीं पूरा देश कोविड-19 के संकट से जूझ रहा है। हर दिन हम अपनों को खो रहे हैं। इन सब के बीच पंजाब में एक बड़ा बदलाव सरकारी स्कूलों में देखने को मिल रहा है। पहले जहां विधायक, मंत्री व बड़े अधिकारी अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में एडमिशन करवाने पर फख्र महसूस करते थे, वहीं इस बार विधायक, मंत्री व अधिकारी अब अपने बच्चों का दाखिला प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करा रहे हैं। शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश के स्कूलों में नए दाखिलों में 8.10 फीसदी का इजाफा भी हुआ है।

परिवर्तन के कारण

  1. स्मार्ट स्कूल बने। बिल्डिंग्स और इंफ्रा पहले से बेहतर हुई।
  2. प्राइवेट की तरह एलईडी से ऑनलाइन शिक्षा। दूरदर्शन से हर दिन ऑनलाइन क्लासें। पहले प्राइवेट से सरकारी में आने पर ट्रांसफर सर्टिफिकेट देना होता था। अब स्व घोषणा पत्र ही काफी।
  3. 2020 में 10वीं व 12वीं के नतीजे प्राइवेट से बेहतर, अधिक पढ़े-लिखे टीचर व स्टाफ।
  4. हर गांव के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट, बैसाखी के मेले व तीन तख्तों श्री आकाल तख्त साहिब, केसगढ़ साहिब व तलवंडी साबों से सरकारी स्कूल का प्रचार।

इन्होंने कराया अपने बच्चों का दाखिला

फिरोजपुर में एक विधायक, मोगा में एक पूर्व विधायक, 3 पंच, 5 सरपंच, 1 बैंक मैनेजर, 1 चेयरमैन, अमृतसर में 1 एडवोकेट, बरनाला में 1 ब्लाॅक समिति मेंबर, 2 पार्षद, 8 सरपंच, 17 पंच, फतेहगढ़ साहिब में 1 प्रोफेसर, पठानकोट में 16 सरपंच, 2 पूर्व पार्षद, 1 चेयरमैन, 1 पार्षद, 9 पंच, 2 पूर्व चेयरमैन, पटियाला में 1 सरपंच, 1 चेयरमैन, गुरदासपुर में 1 पंच, कपूरथला में 1 सरपंच, एसबीएस नगर में 1 सरपंच, 2 पंच, मुक्तसर साहिब में 1 सरपंच।