MOON RISE IN JALANDHAR – कब होंगे जालंधर में करवा चौथ के चाँद के दीदार?पढ़े

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karwa chauth moon
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पढ़े,आपके शहर में कब होंगे चन्दर्मा के दीदार

आज देश भर में करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु, सफलता व वैवाहिक जीवन के मंगल की कामना कर रही हैं। कथा पड़ने के बाद अब सुहागिनों को चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार है। करवा चौथ या कर्क चतुर्थी का व्रत सुहागिनों का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। ज्योतिषचार्य विभोर इंदूसुत के बताया है कि क्यों करवा चौथा का त्योहार इस बार 10 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 पर शुरू हुई और आज 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। सुबह से संध्याकाल तक पूरे दिन चतुर्थी केवल 10 अक्तूबर को ही है, इसलिए करवा चौथ का व्रत 10 को ही किया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए किया था। उनके कठोर तप से उन्हे शिवजी का साथ मिला। तब से इस व्रत को करने का विधान चला आ रहा है। इस व्रत को वे युवतियां भी रखती हैं, जिनका विवाह तय हो चुका होता है।

दिल्ली में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:13 बजे

नोएडा में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:12 बजे

गुरुग्राम में करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा- रात 08:14 बजे

भोपाल में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:26 बजे

हरिद्वार में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:05 बजे

इंदौर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:34 बजे

भुवनेश्वर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- शाम 07:58 बजे

रायपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात्रि 08:01 बजे

लखनऊ में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:02 बजे

कानपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:06 बजे

गोरखपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 07:52 बजे

प्रयागराज में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:02 बजे

मुंबई में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:55 बजे

कोलकाता में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद – रात 07:42 बजे

चेन्नई में चांद करवा चौथ का कितने बजे निकलेगा- रात 08:38 बजे

देहरादून में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:05 बजे

चंडीगढ़ में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:09 बजे

जयपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:23 बजे

पटना में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 07:48 बजे

जम्मू में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:11 बजे

गांधीनगर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:46 बजे

अहमदाबाद में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:47 बजे

शिमला में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:06 बजे

भारत में यहां 8 बजे से पहले ही दिख जाएगा चांद

गुवाहाटी 7:50 PM

श्रीनगर 7:58 PM

कोलकाता 7:42 PM

पटना 7:49 PM

राजस्थान के शहरों में करवा चौथ चांद निकलने का समय

जयपुर: रात 8:22 बजे

उदयपुर: 7:53 बजे

जोधपुर: 8:37 बजे

बीकानेर: 8:31 बजे

कोटा: 8:28 बजे

जैसलमेर: 8:22 बजे

लखनऊ 8:09 PM

कानपुर 8:07 PM

प्रयागराज 8:05 PM

वाराणसी 8:04 PM

नोएडा 8:12 PM

मेरठ 8:10 PM

आगरा 8:06 PM

मुरादाबाद 8:08 PM

फैजाबाद 8:05 PM

देहरादून 8:13 PM

हल्द्वानी 8:12 PM

नैनीताल 8:11 PM

रुद्रपुर 8:12 PM

पौड़ी 8:10 PM

गढ़वाल गंगोत्री 8:08 PM

बागेश्वर 8:07 PM

चमोली 8:06 PM

पिथौरागढ़ 8:05 PM

हिमाचल प्रदेश

शिमला 8:17 PM

मनाली 8:19 PM

धर्मशाला 8:15 PM

मंडी 8:16 PM

कांगड़ा 8:15 PM

सोलन 8:17 PM

कालका 8:18 PM

चंबा 8:14 PM

किन्नौर 8:21 PM

हमीरपुर 8:16 PM

चंडीगढ़ 8:16 PM

अमृतसर 8:18 PM

लुधियाना 8:17 PM

पटियाला 8:16 PM

फरीदकोट 8:19 PM

जालंधर 8:17 PM

बठिंडा 8:18 PM

होशियारपुर 8:17 PM

मोगा 8:19 PM

फाजिल्का 8:20 PM

गुड़गांव 8:13 PM

फरीदाबाद 8:12 PM

करनाल 8:10 PM

पंचकुला 8:14 PM

रोहतक 8:11 PM

हिसार 8:09 PM

यमुनानगर 8:12 PM

महेंद्रगढ़ 8:08 PM

कैथल 8:10 PM

भिवानी 8:09 PM

पटना 7:58 PM

गया 7:56 PM

भागलपुर 7:55 PM

मुजफ्फरपुर 7:57 PM

दरभंगा 7:53 PM

आरा 7:56 PM

छपरा 7:54 PM

पूर्णिया 7:52 PM

सुपौल 7:53 PM

मधेपुरा 7:51 PM

जम्मू और कश्मीर

जम्मू 7:46 PM

श्रीनगर 7:42 PM

बानी 7:44 PM

रामबन 7:45 PM

पुंछ 7:43 PM

कठुआ 7:46 PM

अनंतनाग 7:41 PM

कुपवाड़ा 7:40 PM

बारामुल्ला 7:41 PM

डोडा 7:45 PM

जयपुर 8:12 PM

उदयपुर 8:16 PM

कोटा 8:13 PM

जोधपुर 8:18 PM

अजमेर 8:14 PM

बीकानेर 8:20 PM

अलवर 8:11 PM

भरतपुर 8:12 PM

नागौर 8:17 PM

सवाई माधोपुर 8:13 PM

भोपाल 8:10 PM

इंदौर 8:12 PM

ग्वालियर 8:09 PM

जबलपुर 8:08 PM

सतना 8:07 PM

उज्जैन 8:11 PM

रीवा 8:06 PM

सागर 8:08 PM

होशंगाबाद 8:10 PM

दमोह 8:07 PM

मुंबई 8:27 PM

पुणे 8:25 PM

नागपुर 8:22 PM

औरंगाबाद 8:24 PM

नाशिक 8:26 PM

कोल्हापुर 8:23 PM

ठाणे 8:27 PM

सोलापुर 8:25 PM

अमरावती 8:22 PM

भिवंडी 8:28 PM

पूजन स्थल तैयार करें:

चांद निकलने से पहले ही पूजा की थाली सजा लें। इसमें दीपक, अगरबत्ती, चावल, जल भरा लोटा, छलनी, और मिठाई रखें।

सोलह श्रृंगार करें:

व्रती स्त्रियां सोलह श्रृंगार करती हैं, जिसमें बिंदी, मेहंदी, चूड़ी, सिंदूर, बिछिया, पायल आदि शामिल हैं। यह पति की लंबी उम्र और सौभाग्य का प्रतीक है।

चांद निकलने की प्रतीक्षा करें:

जैसे ही चांद उदय होता है, महिलाएं थाली लेकर आंगन या छत पर जाती हैं और चांद की ओर मुख करके खड़ी होती हैं।

छलनी से देखें चांद:

पहले छलनी में दीपक रखकर चांद को देखें, फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें। यह परंपरा प्रेम, विश्वास और वैवाहिक बंधन की प्रतीक मानी जाती है।

अर्घ्य अर्पित करें:

जल भरे लोटे से चांद को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय जल में चावल और फूल डालें और मन में यह प्रार्थना करें —

“हे चंद्रदेव! मेरे पति को दीर्घायु, सुख और समृद्धि प्रदान करें।”

पति का आशीर्वाद लें:

इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर और फल या मिठाई खाकर व्रत खोलें। यही इस व्रत की पूर्णता का संकेत होता है।

अर्घ्य देने के बाद उसी छलनी से पति का चेहरा देखें। चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति का चेहरा देखने से पहले किसी भी प्रकार का जल या अन्न ग्रहण न करें।

पूजा की थाली में लोटा (जल से भरा), करवा, छलनी, रोली, अक्षत, मिठाई और दीपक रखें।

लोटे के जल में कच्चा दूध, अक्षत, सफेद चंदन और फूल डालें।

हाथ जोड़कर चंद्रमा को प्रणाम करें।

छलनी में जलता दीपक रखें और उसी से चंद्रमा का दर्शन करें।

जल की धारा बनाकर धीरे-धीरे चंद्रमा को अर्घ्य दें।

इस दौरान पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना करें।

करवा चौथ पूजा का शुभ समय शुरू होने वाला है। आज सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा है। आज सुहागिन महिलाएं करवा माता की पूजा-अर्चना करती हैं और कथा सुनती हैं। करवा चौथ पर महिलाएं 16 श्रृंगार करके एकत्रित होती हैं और करवा माता की पूजा करती हैं, फिर चंद्रमा के उदय का इंतजार करती हैं।

करवा चौथ 2025 पूजन शुभ मुहूर्त: 10 अक्टूबर, शाम 05:57 बजे से शाम 07:11 बजे तक

पूजन अवधि: 1 घंटा 14 मिनट

व्रत अवधि: 13 घंटे 54 मिनट

चांद निकलने का समय- रात्रि 8 बजकर 13 मिनट पर

सबसे पहले तो आप पार्टनर से इस बात को ना ही छिपाएं। करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन में खुशहाली को बरकरार रखने के लिए होता है। किसी भी रिश्ते की नींव सच्चाई ही होता है। ऐसे में व्रत टूट जाए तो पार्टनर को ईमानदारी से बता दें ताकि आपका भी मन हल्का हो जाए। कई बार लोग व्रत टूट जाने पर पार्टनर से ये बात इसलिए भी छिपा ले जाती हैं कि उन्हें बुरा ना लगें। रात में गौरी-शंकर और गणेश भगवान के साथ करवा माता की पूरे विधि विधान से पूजा करें। सारी चीजें जैसी होती हैं, वैसे ही करें। व्रत टूटने के बाद आपको कुछ भी अलग तरीके से नहीं करना है। आप चाहे तो अगले दिन जरूरतमंद महिलाओं को दान में साज श्रृंगार का सामान दे सकती हैं।

करवा चौथ का चांद रात 08 बजकर 13 मिनट पर नजर आएगा। हालांकि अलग-अलग शहरों में चांद दिखने का समय अलग हो सकता है।

अगर गलती से करवा चौथ का व्रत टूट गया है तो सबसे पहले शांत हो जाए। घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। किसी भी वजह से व्रत टूटे, आप तुरंत करवा माता का ध्यान कीजिए और अपनी गलती के लिए माफी मांग लीजिए और व्रत को जारी रखने का संकल्प लीजिए। इसके बाद मन में कोई भी शक या बुरी बात ना आने दें। पॉजिटिव रहें कि सब अच्छा ही होगा। तबियत खराब होने की वजह से आपका व्रत टूट गया है तो आप निर्जला व्रत नहीं भी रहेंगी तो भी चलेगा। सेम नियम प्रेग्नेंट महिलाओं पर भी लागू होता है। हिंदू धर्म की मान्यता के हिसाब से ये लोग निर्जला व्रत रख सकती हैं।

शाम के समय चंद्रमा निकलने से पहले महिलाएं एक साथ भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की विधिवत पूजा करती हैं। करवा चौथ की कथा का पाठ करती हैं। इसके बाद व्रती महिलाओं को चंद्र दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है। चांद के निकलने पर उसे छलनी से देखती हैं और अर्घ्य देती हैं, इसके बाद छलनी से पति का चेहरा कर पानी या मिठाई खाकर व्रत का पारण करती हैं।

अयोध्या: रात 09:01 बजे

मथुरा: रात 08:13 बजे

नोएडा: रात 08:13 बजे

सीतापुर: रात 08:02 बजे

बरेली: रात 08:38 बजे

सीतापुर: रात 08:12 बजे

अमरोहा: रात 08:12 बजे

हरदोई: रात 08:13 बजे

रामपुर: रात 08:13 बजे

झांसी: रात 08:13 बजे

वृंदावन: रात 08:10 बजे

मुरादाबाद: रात 7:57 बजे

पीलीभीत: शाम 6:28 बजे

बदायूं: रात 08:15 बजे

काशी (वाराणसी): रात 8:16 बजे

गाजियाबाद: रात 9:15 बजे

गोरखपुर: रात 9:15 बजे

लखनऊ: रात 9:15 बजे

इलाहाबाद (प्रयागराज): रात 9:15 बजे

आगरा: शाम 8:13 बजे

रांची- रात 7:56 बजे (या 8:02 बजे)

जमशेदपुर- रात 7:52 बजे (या 8:02 बजे)

धनबाद- रात 7:14 बजे (या 8:02 बजे)

बोकारो स्टील सिटी- रात 7:28 बजे (या 8:02 बजे)

हजारीबाग- रात 7:28 बजे (या 8:02 बजे)

देवघर- रात 7:45 बजे

गिरिडीह- रात 7:59 बजे (या 8:02 बजे)

रामगढ़- शाम 7:00 बजे

करवा चौथ के दिन क्या नहीं करें

1. इस दिन वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए।

2. नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।

3. करवा चौथ व्रत के दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।

4. इस दिन झूठ, छल व कपट से दूर रहना चाहिए।

5. करवा चौथ के दिन काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए। हिंदू धर्म में काला रंग शुभता का प्रतीक नहीं माना गया है।

6. इस दिन पति-पत्नी को लड़ाई नहीं करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से करवा माता नाराज हो सकती हैं।

मान्यता है कि पूजा में इस्तेमाल होने वाली छलनी को संभालकर रखना चाहिए, इधर-उधर फेंकने से बचना चाहिए। इसके अलावा आप चाहें तो इसे अगले साल की पूजा में दोबारा इस्तेमाल कर सकती हैं।

करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा या करक एक मिट्टी के पात्र होता है जिससे चंद्रमा को जल या अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद छलनी से चंद्र दर्शन करने की परंपरा है। इस तरह से करवा चौथ व्रत में करवा व छलनी का खास महत्व है। कई लोग पूजन के बाद करवा और छलनी को इधर-उधर रख देते हैं, जो कि अशुभ माना जाता है। : करवा चौथ की पूजा के बाद करवा को अशुद्ध स्थानों या अपवित्र जगहों पर नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने माता पार्वती नाराज हो सकती हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ की पूजा के बाद मिट्टी के करवे को पवित्र नदी या तालाब में प्रवाहित करना चाहिए। अगर आप करवा प्रवाहित नहीं कर सकते हैं तो इसे किसी पवित्र पेड़ जैसे आम, नीम, पीपल या बरगद के नीचे रख सकते हैं। कई लोग करवा अगले साल की पूजा के लिए संभाल कर भी रखते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि पूजन में इस्तेमाल किया गया करवा हमेशा शुद्ध व स्वच्छ स्थान पर ही रखें।

आपके शहर में कितने बजे नजर आएगा चांद? जानें सटीक समय

दिल्ली में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:13 बजे

गांधीनगर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:46 बजे

अहमदाबाद में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:47 बजे

शिमला में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:06 बजे

भोपाल में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:26 बजे

नोएडा में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:12 बजे

गुरुग्राम में करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा- रात 08:14 बजे

हरिद्वार में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:05 बजे

इंदौर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:34 बजे

भुवनेश्वर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- शाम 07:58 बजे

रायपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात्रि 08:01 बजे

लखनऊ में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:02 बजे

कानपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:06 बजे

गोरखपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 07:52 बजे

प्रयागराज में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:02 बजे

मुंबई में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:55 बजे

कोलकाता में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद – रात 07:42 बजे

चेन्नई में चांद करवा चौथ का कितने बजे निकलेगा- रात 08:38 बजे

देहरादून में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:05 बजे

चंडीगढ़ में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:09 बजे

जयपुर में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:23 बजे

पटना में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 07:48 बजे

जम्मू में करवा चौथ का कब निकलेगा चांद- रात 08:11 बजे

करवा चौथ व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है,पंचांग की गणितीय गणना के अनुसार चंद्रोदय रात्रि 7 बजकर 58 मिनट पर होगा। अलग-अलग शहरों में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के समय में भिन्नता संभव है। करवा चौथ के दिन कृतिका नक्षत्र रात्रि 9:07 बजे तक है, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र का संचरण होगा।

करवा चौथ का व्रत चंद्र दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूर्ण माना जाता है। करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का अधिक महत्व होता है। इस दिन व्रती स्त्रियों को चंद्रमा का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन चंद्र दर्शन करना जरूरी माना जाता है। चांद को अर्घ्य देते समय महिलाएं चुन्नी जरूर साथ ले जाएं, जिसे आपने कथा सुनते समय पहना था। चांद को छलनी पर दीया रखकर देखें और फिर तुरंत उसी छलनी से पति को देखें। कहते हैं कि छलनी में दीया रखने का रिवाज इसलिए बना क्योंकि पहले जब स्ट्रीट लाइट्स नहीं हुआ करती थीं तो महिलाएं चांद देखने के बाद छलनी में दीया के प्रकाश से पति का चेहरा देखती थीं।

करवा चौथ के दिन संध्या के समय कथा-पाठ करने के बाद कलश में चांदी का सिक्का और अक्षत के साथ चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। फिर इसके बाद पति के दर्शन कर जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।

करवा का मतलब होता है मिट्टी का बर्तन जिसे भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है। करवा चौथ के दिन करवा में पानी भरकर पूजा में रखना शुभ माना जाता है। भगवान गणेश जल तत्व के कारक हैं और करवा में लगी नली भगवान गणेश की सूंड का प्रतीक है।

करवा चौथ के मंत्र

श्रीगणेश का मंत्र – ॐ गणेशाय नमः

शिव का मंत्र – ॐ नमः शिवाय

पार्वती जी का मंत्र – ॐ पार्वती पतये नमः

स्वामी कार्तिकेय का मंत्र – ॐ षण्मुखाय नमः

चंद्रमा का पूजन मंत्र – ॐ सोमाय नमः

‘मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।’

‘नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।’

चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा आयु, यश और समृद्धि का भी प्रतीक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है और चांद को लंबी आयु का वरदान मिला हुआ है। चांद में सुंदरता, शीतलता, प्रेम, प्रसिद्धि और लंबी आयु जैसे गुण पाए जाते हैं, इसीलिए सभी महिलाएं चांद को देखकर ये कामना करती हैं कि ये सभी गुण उनके पति में आ जाएं।

एक कथा शिव-पार्वती से जुड़ी है। मां पार्वती ने भगवान शिव से पति की दीर्घायु एवं सुख-संपत्ति की कामना की विधि पूछी तब शिव ने करवा चौथ व्रत की कथा सुनाई थी। देवी पार्वती ने उस कथानुसार व्रत किया। तब से यह व्रत लोक परंपरा का हिस्सा बन गया।

– नीलगिरी पर्वत पर पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने गए। उन्हीं दिनों पांडवों पर गहरा संकट आ पड़ा। तब चिंतित और शोकाकुल द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान किया तथा उनसे पांडवों के कष्टों के निवारण के लिए उपाय पूछा। तब कृष्ण ने करवा चौथ का व्रत बताया था।

– करवा नाम की एक पतिव्रता धोबिन तुंगभद्रा नदी के किनारे रहती थी। एक दिन एक मगरमच्छ ने उसके पति को पकड़ लिया। पति की पुकार सुनकर धोबिन ने मगर को कच्चे धागे से बांध दिया। करवा का साहस देख यमराज ने मगर को यमपुरी भेज दिया। उसके पति को दीर्घायु होने का वरदान दिया।

करवा चौथ के व्रत में पूजा के दौरान मिट्टी का करवा (घड़ा) विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है, जिसके बिना करवा चौथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। यू तो पृथ्वी पर मानव जीवन की अवधि सीमित है, परंतु मिट्टी का करवा एवं करवा चौथ का विधि-विधान, पति-पत्नी के पंचतत्व से निर्मित नश्वर शरीर को उनकी अजर-अमर आत्मा से जन्म-जन्मान्तरों तक जोड़े रखता है।

 करवा चौथ पर सूर्योदय होने से पहले सरगी की परंपरा है। इस दौरान महिलाएं करवा चौथ व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर उपवास रखते हुए रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन और पूजन करते हुए व्रती महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं।

पूजन सामग्री – लकड़ी का आसान, देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी, रोली, मौली, मिठाई, छन्नी, लोटे में भरने के लिए चावल, दान की सामग्री, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन और करवा चौथ व्रत कथा किताब।

करवा चौथ की पूजा में सींक का होना बेहद जरूरी है। ये करवा मां की ताकत का परिचायक है। आज करवा चौथ व्रत की शुरुआत भद्रा काल शुरू होने से पहले ही हो जाएगी। ऐसे में व्रती महिलाएं सूर्योदय से पहले स्नान कर सरगी ग्रहण कर लें और व्रत का संकल्प ले लें। करवा चौथ की पूजा के समय भद्रा नहीं है।

करवा चौथ त्योहार पर सोलह शृंगार से सजे बाजार, रेडीमेड गारमेंट्स से लेकर साड़ी शोरूम, चूड़ी बाजार, पार्लर, मेहंदी के साथ ही साज-सज्जा का सामान खरीदने के लिए महिलाओं के बीच उत्साह दिखा। हर वर्ग करवा चौथ मना सके इसके लिए बाजार में उसकी बजट में सामान उपलब्ध रखा गया।

एक साहूकार था। उसके 7 लड़के और 1 लड़की थी। सात भाइयों की अकेली बहन करवा सब की लाडली थी। सभी भाई अपनी बहन को बहुत स्नेह करते थे। साथ में बैठाकर भोजन कराते थे। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सेठानी, उसकी बहुओं और बेटी ने करवा चौथ का व्रत रखा था। रात के दौरान साहूकार के लड़के भोजन करने लगे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन करने का आग्रह किया। फिर बहन ने अपने भाई को बताया की आज उसने करवा चौथ का व्रत रखा है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण कर सकती है। भाइयों से अपनी बहन की ये हालत देखी नहीं जा रही थी। फिर सबसे छोटा भी दूर पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। वो दीपक ऐसा प्रतीत होता जैसे की चतुर्थी का चांद हो। उसे देख कर सातों भाइयों की एकलौती बहन अर्घ्‍य देकर भोजन करने बैठ जाती है। जैसे ही वह पहला टुकड़ा मुंह में डालती है, उसे छींक आ जाती है। दूसरा टुकड़े में बाल निकल आता है और तीसरा टुकड़ा मुंह में डालती है तभी पति के मौत की खबर उसे मिलती है। वह बेहद दुखी हो जाती है।

तब उसकी भाभी सच्चाई बताती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गए हैं। इस पर करवा संकल्प लेती है कि वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करेगी और अपने सतीत्व से उन्हें पुनर्जीवित करके रहेगी। वह पूरे एक साल तक अपने पति के शव के पास बैठी रहती है और देखभाल करती है। उसके ऊपर उगने वाली सूईनुमा घास को वह इकट्ठा करती जाती है।

एक साल बाद फिर चौथ का दिन जब आता है तब वह व्रत रखती है और शाम को सुहागिनों से अनुरोध करती है कि ‘यम सूई ले लो, पिय सूई दे दो, मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो’ लेकिन हर कोई मना कर देती है। आखिर में एक सुहागन उसकी बात मान लेती है। इस तरह से उसका व्रत पूरा होता है और उसके सुहाग को नए जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

खास तौर पर सुहागिनों के लिए यह करवा चौथ अखंड सौभाग्य देने वाला होगा। करवा चौथ का शुभ मुहूर्त शाम 7:05 से शाम 8:55 बजे तक है। इस दिन कृतिका नक्षत्र में चांद निकलेगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 10 अक्टूबर में चांद निकलने का समय शाम 7:57 बजे है। अगर आपका कल व्रत है तो देखें कल कहां चांद पहले निकलेगा।

आज करवा चौथ के दिन सुहागिनें अखंड सौभाग्य व सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए निर्जल व्रत रख रही हैं। रात में चांद को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से पहला निवाला लेकर व्रत खोलेंगी। अगर कोई महिला ऑफिस का काम होने या स्वास्थ्य समस्याओं से इस व्रत को नहीं कर पाती है तो वह फलाहार कर व्रत कर सकती है।