मकर संक्रांति के दिन करें ये उपाय, मिलेंगे शुभ फल और दूर होंगी सभी परेशानियां

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हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का त्योहार पौष माह में शुक्ल पक्ष के दौरान मनाया जाता है. हिंदू धर्म में ये त्योहार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके अलावा इस दिन है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. ऐसे में इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. मकर संक्रांति के बारे में मान्यता है कि जो लोग इस दिन अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार दान करते है उन्हें अथाह फल मिलता है. उन्हें अपने जीवन की सभी इच्छाओं की पूर्ति के साथ भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. मकर संक्रांति के दिन यानी 14 जनवरी को खरमास की अवधि समाप्त हो जाएगी. इसके बाद विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य होने लगेंगे.

मकर संक्रांति का दिन हिंदू धर्म में काफी महत्व रखता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से जीवन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. साथ ही सुख, शांति और आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति के लिए भी ये लाभदायक है. इस दिन आप कुछ उपाय कर सकते हैं और अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं

मकर संक्रांति के दिन स्नान करने से पहले तिल को जल में डाल दें. तिल के पानी से स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही ऐसा करने से व्यक्ति को रोगों से मुक्ति भी मिलती है.

अगर कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे मकर संक्रांति के दिन तिल का लेप लगाने की सलाह दी जाती है. इसके बाद उसे स्नान करना चाहिए. इससे अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद मिलती है.

मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के बाद जल में कुछ तिल डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें. ये करियर में सफलता पाने में मदद करता है.

ऐसा माना जाता है कि कंबल, गर्म कपड़े, घी, तिल आदि का दान करने से अनजाने में की गई गलतियों से छुटकारा मिलता है और शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

तिल को जल में डालकर पितरों को अर्पित करें. इससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है. 

सूर्य नमस्कार – सुबह के समय तांबे के बर्तन में पवित्र जल और गाय का दूध मिलाकर सूर्य देव को आर्पित करें. जल में लाल फूल डाल सकते हैं. इस तरह से सूर्य की पूजा करने से आपका सारा तनाव दूर हो जाएगा.

इस दिन दान करना बहुत शुभ माना गया है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान करने से सौ गुना फल मिलता है. आप चाहें तो कंबल, गर्म कपड़े, अनाज-चावल दलिया आदि का दान कर सकते हैं.

प्रातः काल स्नान करने के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव की मूर्ति या चित्र अपने सामने रखें. लाल फूल चढ़ाएं और “ॐ भास्कराय नम: मंत्र का कम से कम 5 बार जाप करें.